Monday, 20 July 2015

तरक्की …


एक गांव
जहाँ थी मिला करती
नरम मुलायम मिट्टी



बने मकान जिससे
थे हुआ करते
चिकने-चुपड़े सोंध-सौगंधित 



रहा करते थे जिसमे 
सीधे सरल इंसान 
सभी आनंदित 

शहर हो गया :



हो गए मकान सारे 
पत्थर के 

और इंसान 

पत्थर-दिल 
अमर्यादित । 




‪#‎सर्वाधिकार‬ सुरक्षित 

अजय मिश्र 'धुनी' 

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